कितनी अनोखी बारिश है धरा पर बेआवाज़ ही गिरती है कितनी अनोखी बारिश है धरा पर बेआवाज़ ही गिरती है
अरे बंद है सब के दहन यहाँ, करो ज़ुल्म चाहे जितना यहां कोई बोल दे दो लफ्ज़ भी, कहाँ इतनी अरे बंद है सब के दहन यहाँ, करो ज़ुल्म चाहे जितना यहां कोई बोल दे दो लफ्ज़ भी, क...
कितना खूबसूरत ऐ समा ज़मीं से मिला दूं आसमां कितना खूबसूरत ऐ समा ज़मीं से मिला दूं आसमां
आसमां कुछ बोल राज दिल के खोल। आसमां कुछ बोल राज दिल के खोल।
सोचती हूं कभी कभी मैं कि ऊंचे पर्वत चढ़ जाऊं मैं सोचती हूं कभी कभी मैं कि ऊंचे पर्वत चढ़ जाऊं मैं
बसी है तू दिलो जान में बस इतना जान ले तुझे अपना बनाने के लिए मुझे सात फेरों की जरूरत नहीं है। बसी है तू दिलो जान में बस इतना जान ले तुझे अपना बनाने के लिए मुझे सात फेरों...